कोलकाता में भारी वर्षा के साथ मानसून का आगमन



HnExpress Weather Report : कोलकाता में फिर बारिश होने की संभावना है। इस दिन शहर में हल्की से मध्यम बारिश होगी। 24 जून से बारिश बढ़ सकती है। विशेषज्ञ सुजीब कर ने बताया कि अगले 30 दिनों से भारी बारिश की संभावना है। उन्होंने दावा किया कि असम, त्रिपुरा या बांग्लादेश जैसे पश्चिम बंगाल में बाढ़ की स्थिति बनने की संभावना है। कोलकाता के आसमान में गुरुवार सुबह से ही बादल छाए हुए है। छिटपुट बारिश भी हुई है। अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार इस दिन शहर में कुछ बूंदाबांदी हो सकती है।

कहीं-कहीं गरज के साथ बारिश होने की भी संभावना है। कोलकाता में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 31 और 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से एक डिग्री कम है। हवा में अधिकतम आद्रता क्रमश: 7 और 80 प्रतिशत रही। इस दिन सिर्फ कोलकाता में ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी बारिश की संभावना है।



भूविज्ञानी सुजीब कर ने कहा, “वर्तमान में ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ पर कम दबाव है। इस कम दबाव के कारण, उत्तर पूर्व भारत से जलवाष्प तेजी से प्रवेश कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप, पश्चिम बंगाल में भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। यह स्थिति फिलहाल जारी रहेगा।” उन्होंने आगे कहा, “23 जून की रात को मानसूनी हवाएं बंगाल में प्रवेश कर चुका है। पहले तो मानसूनी हवाएं ज्यादा सक्रिय नहीं होंगी ।जून के अंत से मानसूनी हवाओं की बारिश शुरू हो जाएगी।”



हालांकि मानसूनी हवाओं ने इस साल के अंत में दक्षिण बंगाल में प्रवेश किया, लेकिन इससे भारी वर्षा नही हुई। ऐसा मौसम विज्ञानी ने कहा है। उन्होंने कहा, “बंगाल के अलावा, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश होगी। इस साल सामान्य से 40 से 45 फीसदी ज्यादा बारिश होने की संभावना है। इसका मतलब है कि इस साल हमें 140-145 फीसदी बारिश होगी।” जानकारों के मुताबिक 30 जून से तापमान में तेजी से गिरावट शुरू हो जाएगी।

हालांकि, इस साल बारिश में वृद्धि के कारण बाढ़ की स्थिति की संभावना है, सुजीब कर ने आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि दक्षिण बंगाल में मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ पर बना निम्न दबाव उत्तर पूर्व भारत से मानसूनी हवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। इसलिए इसे मानसूनी वर्षा कहते हैं। हालांकि 23 जून के बाद दक्षिण बंगाल में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा।

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