हिन्दी भाषी अफसरों पर ही ममता का अधिक भरोसा

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HnExpress सीताराम अग्रवाल, कोलकाता : वर्तमान में राज्य प्रशासन के शीर्षस्थ पदों पर बैठे पदाधिकारियों पर हम यदि एक नजर डालें तो पायेंगे कि ये सभी हिन्दी भाषी हैं। दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रशासन के मामले में अधिक भरोसा हिन्दी भाषियों पर जताया है। सबसे पहले हम बात करते हैं मुख्य सचिव एच. के. द्विवेदी की। ज्ञातव्य है कि अफसर के दृष्टिकोण से राज्य प्रशासन का यह सर्वोच्च पद है, जिस पर श्री द्विवेदी विराजमान हैं।

20 जून 1963 को जन्मे तथा 1988 बैच के ये आईएएस अफसर उत्तर प्रदेश में हरदोई के है। शीघ्र रिटायर होने वाले श्री द्विवेदी के बारे में यह चर्चा जोरों पर है कि ममता उन्हें मानिकतला से चुनाव लड़वाकर मंत्रिपरिषद में महत्वपूर्ण पद देना चाहती हैं। दूसरा पद है गृह सचिव का, जिस पर बी. पी. गोपालिका बैठे हैं। 1989 बैच के आईएएस अफसर गोपालिका मारवाड़ी हैं।



ममता ने इन्हे अतिरिक्त मुख्य सचिव बना कर गृह व पर्वतीय विषयक विभाग सौंपे हैं।
अब बात करते हैं पुलिस प्रशासन के सर्वोच्च पद यानि पुलिस महानिदेशक की, जो इस समय मनोज मालवीय के पास है। 1986 बैच के आईपीएस अफसर श्री मालवीय देश के स्वाधीनता संग्राम से जुड़े खानदान से हैं। आप विश्व प्रसिद्ध प. मदन मोहन मालवीय के पड़पोते हैं, जो अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के संस्थापक थे।



आपके पिता गिरिधर मालवीय इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज रह चुके हैं। यहां एक मजेदार तथ्य यह है कि जिस मालवीय की नियुक्ति को लेकर केन्द्र की मोदी सरकार से ममता की टक्कर हुई थी, उनके पिता यानि गिरिधर मालवीय 2014 में वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए मोदी के 4 प्रस्तावों मे से एक थे। हम जानते हैं कि प. बंगाल में कोलकाता पुलिस का क्या महत्व है। इसके मुख्य पद अर्थात पुलिस कमिश्नर पद पर है विनीत गोयल। 1994 बैच के ये आईपीएस अफसर मारवाड़ी हैं।

अब अंत मैं बताता हूं ममता सहित अन्यान्य वीवीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था की। अति विशिष्ट व्यक्तियों के आवागमन के साथ आवास वगैरह की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिस विभाग पर है, उसका सर्वोच्च पद है डायरेक्टर सिक्योरिटी। एडीजी रैंक के इस महत्वपूर्ण पद पर अभी हैं पीयूष पाण्डेय। उल्लेखनीय है कि कल (27 फरवरी 2023) ही नवान्न के नजदीक डायरेक्टर सिक्योरिटी के नये भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया है।

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