बांगुड़ में चैतन्य दुर्गा दर्शन

HnExpress सीताराम अग्रवाल, कोलकाता : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बांगुड़ शाखा द्वारा दुर्गापूजा के पावन अवसर पर गत महाषष्ठी से ही चैतन्य रूप में मां दुर्गा के अनुपम दुर्लभ दर्शन कराने का अद्भुत कार्य किया गया है। मंगलवार को अंतिम अवसर है। मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश व कार्तिकेय के रूप में 10 से 20 वर्ष की कन्याएं करीब 6 घ॔टों तक जब शरीर में बिना कोई हरकत किये दर्शन देती हैं।

तो भाव-विभोर दर्शक दांतों तले अंगुली दबा लेते हैं। ये बालिकाएं सांस तो लेती हैं, पर पलक तक नहीं झपकातीं। शरीर में कहीं क॔पन दृष्टिगोचर नहीं होता, जो इनके अथक परिश्रम, एकाग्रता, आत्मिक शक्ति का परिणाम है। बालिकाओं को इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है और यह प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से निर॔तर जारी है। बीच-बीच में 2-4 मिनट के लिए सावधानी बरतने के लिये पर्दा गिराया जाता है, ताकि कोई अनहोनी न हो।

इस वर्ष का पूजो कार्यक्रम होने वाला है, उन सभी के साथ जो सहायक सहयोगी और मीडिया पार्टनर के रूप में हमसे जुड़ना चाहते हैं : 8240902445.

संस्था की ओर से अस्मिता बहन ने बताया कि ये बालिकाएं कोई पेशेवर कलाकार नहीं हैं, पर इन्होंने राजयोग मेडिटेशन के द्वारा अपने जीवन में एकाग्रता, स्वच्छता, पवित्रता, नम्रता जैसे दिव्य गुणों को धारण किया है। 2 वर्षों से भी अधिक समय तक परिश्रम के बाद वे यह कार्य करने में सक्षम होती है। विभिन्न वर्गों से आनेवाली बालिकाओं में से अधिकतर बांगुड़ इलाके के आस-पास की ही हैं।

खान-पान के बारे में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि कोई ब॔धन नहीं है, पर तेल-मसाले के कम व्यवहार व शाकाहार पर विशेष जोर दिया जाता है। तनुश्री बहन ने बताया कि महानवमी (सोमवार ) को दुर्गा के रूप में ओएनडिला, लक्ष्मी के रूप में श्रेष्ठा, सरस्वती के रूप में राखी, गणेश के रूप

में अर्पिता, व कार्तिकेय के रूप में मेघा थी। पिछले दिनों हजारों श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के जीवित रूप का दर्शन किया है एवं विशाल भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित करने तथा जिज्ञासुओं को जानकारी देने में संस्था के कार्यकर्ता सक्रिय हैं।

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