कहाँ गयी आजाद हिन्द फौज की संपत्ति ?

HnExpress सीताराम अग्रवाल, कोलकाता : आजाद हिन्द फौज की करीब 72 करोड़ रुपये (तात्कालिक मूल्यांकन के अनुसार ) की संपत्ति कहाँ गयी, इसकी न्यायिक जांच करायी जाय। देश की आजादी के लिए नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के नेतृत्व में गठित आजाद हिन्द फौज के 75वें स्थापना दिवस पर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में वक्ताओं ने यह मांग की। वक्ताओं के अनुसार 1946 में संपत्ति का बंटवारा होने के बाद इसका कुछ भी पता नहीं चल रहा है । कुछ ने आशंका जताई कि किसी खास राजनीतिक दल के कुछ विशेष व्यक्तियों ने इसे हड़प ली है ।

आल इंडिया लीगल एड फोरम के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम को फोरम के महासचिव जयदीप मुखर्जी, पंकज दत्त (पूर्व आई. जी.- आई. बी.) आईपीएस, अरिन्दम आचार्य, काशीनाथ राय, गौरांग सुन्दर मित्र, अभिजीत चट्टोपाध्याय वगैरह ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि 75 वर्षों बाद भी आजाद हिन्द फौज को आज तक मान्यता नहीं दिया जाना अफसोस की बात है । 1947 में नेताजी पर लिखी पुस्तक पर लगाये गये प्रतिबंध को भी तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की गयी। एक प्रश्न के उत्तर में श्री मुखर्जी ने कहा कि नेताजी के अन्तर्धान होने के रहस्य पर से पर्दा उठाने की कुंजी रूस के पास है। वहीं से सच्चाई का पता चल पायेगा

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